CBSE Compartment Exam Date 2020- कब तक आएगा कंपार्टमेंट एग्जाम का शेड्यूल

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CBSE Compartment Exam Date 2020

Highlights

  1. कंपार्टमेंट एग्जाम का आयोजन
  2. कैसा रहा 10वीं-12वीं का रिजल्ट
  3. रहा 10वीं-12वीं का रिजल्ट इस
  4. 10वीं-12वीं का रिजल्ट इस बार
  5. रद्द हो गई थी परीक्षा

इस साल सीबीएसई को 10वीं और 12वीं का रिजल्ट जारी करने के लिए एक वैकल्पिक मूल्यांकन प्रणाली अपनानी पड़ी। इसकी वजह कोरोनावायरस महामारी के कारण परीक्षाओं का रद्द होना था। लॉकडाउन के बीच छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होने के बाद भी इस साल का रिजल्ट काफी अच्छा रहा है। वहीं कुछ छात्र परीक्षा में सफल नहीं हो पाए हैं। ऐसे छात्रों को कंपार्टमेंट एग्जाम में बैठने का मौका मिलेगा। आमतौर पर हर साल जुलाई के पहले हफ्ते में कंपार्टमेंट एग्जाम का आयोजन होता है लेकिन इस साल ऐसा संभव नहीं है। इस साल 15 जुलाई को सीबीएसई 10वीं का रिजल्ट ही जारी हो पाया, ऐसे में कंपार्टमेंट एग्जाम का आयोजन अभी संभव नहीं है। बोर्ड की ओर से जानकारी मिली है कि परीक्षा के शेड्यूल के साथ-साथ इसके मोड के बारे में 15 अगस्त तक ऐलान किया जाएगा।
एजुकेशन टाइम्स को सीबीएसई के एक अधिकारी ने बताया, ‘हर साल कंपार्टमेंट एग्जाम का आयोजन जुलाई के पहले हफ्ते में होता है। लेकिन इस साल कोरोनावायरस महामारी के कारण शैक्षिक शेड्यूल बाधित हो गया है। कंपार्टमेंट एग्जाम के मोड और शेड्यूल को लेकर चर्चा चल रही है। इस बारे में 15 अगस्त तक घोषणा की जाएगी।’
कैसा रहा 10वीं-12वीं का रिजल्ट इस बार?
इस साल कुल 18,73,015 छात्रों ने 10वीं क्लास की परीक्षा दी थी जिनमें से 17,13,121 छात्र पास हुए हैं। 1,59,894 छात्र पास नहीं हो पाए हैं। 12वीं क्लास का एग्जाम 11,92,961 छात्रों ने दिया था जिनमें से 10,59,080 फेल हो गए हैं। दोनों क्लास में ओवरऑल पास पर्सेंटेज में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 12वीं क्लास का पास पर्सेंटेज 5.38 फीसदी बढ़ा है जबकि 10वीं क्लास का पास पर्सेंटेज 0.36 फीसदी।

रद्द हो गई थी परीक्षा
सीबीएसई के बाकी बचे विषयों की परीक्षा 1 से 15 जुलाई तक होनी थी। कुल 29 विषयों की परीक्षा होनी थी। उसमें से 6 विषय की परीक्षा उत्तर पूर्वी दिल्ली में 10वीं क्लास के छात्रों के लिए होनी थी। ध्यान रहे कि 10वीं क्लास की परीक्षा सिर्फ दिल्ली के उत्तर पूर्वी इलाकों में होनी थी क्योंकि वहां दंगे की वजह से छात्र परीक्षा नहीं दे पाए थे। 12वीं क्लास की परीक्षा पूरे देश के छात्रों के लिए होनी थी। लेकिन बाद में अभिभावकों की मांग पर परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया और सीबीएसई ने वैकल्पिक मूल्यांकन प्रणाली को अपनाया।

This year, CBSE had to adopt an alternative evaluation system to issue 10th and 12th results. The reason for this was the cancellation of examinations due to the coronavirus epidemic. The results of this year have been quite good even after the students’ studies were affected amid the lockdown. At the same time, some students have not been able to clear the exam. Such students will get a chance to sit in the compartment exam. Usually compartment exam is organized in the first week of July every year but this year it is not possible. On July 15 this year, CBSE 10th result could be released, in such a situation, it is not possible to organize compartment exam. It has been learned from the board that the schedule of the exam as well as its mode will be announced by August 15.
A CBSE official told Education Times, ‘Every year the compartment exam is organized in the first week of July. But this year the educational schedule has been disrupted due to the coronavirus epidemic. Discussion is going on regarding the mode and schedule of compartment exam. It will be announced by 15 August.

How was the result of 10th-12th this time?
This year, a total of 18,73,015 students took the 10th class examination, out of which 17,13,121 students have passed. 1,59,894 students have not passed. The 12th class exam was given by 11,92,961 students, out of which 10,59,080 have failed. Overall pass percentages have increased in both classes. Pass percentage of 12th class has increased by 5.38% while pass percentage of 10th class has been increased by 0.36%.

Examination was canceled
The remaining CBSE examinations were to be held from July 1 to 15. A total of 29 subjects were to be tested. Out of that, 6 subjects were to be conducted for the students of class 10 in North East Delhi. Keep in mind that the 10th class examination was only to be held in the north eastern areas of Delhi because the students could not take the exam due to the riots there. The 12th class examination was to be held for students from all over the country. But the examinations were later canceled on the demand of parents and CBSE adopted an alternative evaluation system.

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